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Yog Darshan

Yog Sutra 3 - 11

अध्याय 3: विभूतिपाद

मूल सूत्र · 3.11

सर्वार्थतैकाग्रतयो: क्षयोदयौ चित्तस्य समाधिपरिणाम: ।। 11 ।।

शब्दार्थ

सर्वार्थता ( चित्त का चंचल होना ) एकाग्रतयो: ( चित्त का स्थिर हो जाना ) क्षय  ( नाश होना ) उदयौ  ( विकास होना ) चित्तस्य  ( चित्त का ) समाधिपरिणाम: ( समाधि का फल है । )

सूत्रार्थ

चित्त की चंचल अवस्था का नाश हो जाना व एकाग्र अवस्था का विकास हो जाना चित्त की समाधि का परिणाम है ।

व्याख्या

इस सूत्र में चित्त की समाधि के परिणाम का वर्णन किया गया है ।

सर्वार्थता का अर्थ है चित्त का चंचल हो जाना । जब हमारा चित्त अनेक विषयों की ओर आकर्षित रहता है, तो चित्त की उस अवस्था को चंचलता या सर्वार्थता कहते हैं । सर्वार्थता अथवा चंचलता चित्त का धर्म या स्वभाव है ।

चित्त का किसी भी एक विषय में स्थिर हो जाना व अन्य किसी भी विषय का ध्यान न करने की अवस्था को एकाग्रता कहते है । यह भी चित्त का धर्म है ।

जब योगी साधक अपने चित्त की चंचल ( सर्वार्थता ) की अवस्था को योगाभ्यास के द्वारा रोक देता है, तो चंचलता का नाश होता है । योग के अभ्यास से ही चंचल चित्त की चंचलता को रोका जा सकता है । जैसे ही चित्त की चंचल प्रवृत्ति रुकती है वैसे ही चित्त की स्थिर अथवा एकाग्र अवस्था का विकास होता है ।

चंचल अवस्था व एकाग्र अवस्था एक दूसरे के विपरीत हैं । हमारे चित्त में इन दोनों अवस्थाओं में से एक समय पर एक ही अवस्था प्रभावी रह सकती है । जैसे ही एक का प्रभाव बढ़ेगा वैसे ही दूसरी लुप्त प्रायः हो जाएगी । जैसे सर्वार्थता ( चंचलता ) के बढ़ने से एकाग्रता लुप्त हो जाती है और एकाग्रता के बढ़ने से सर्वार्थता ( चंचलता ) लुप्त हो जाती है ।

जब कोई व्यक्ति योग साधना का अभ्यास नहीं करता है तो उसका चित्त चंचल अवस्था वाला होता है । और जो योगी साधक योग साधना का नियमित अभ्यास करता है उसका चित्त स्थिर अवस्था वाला होता है ।

इस प्रकार चित्त की सर्वार्थता का नाश होने पर चित्त की एकाग्र अवस्था का उदय होता है । वही चित्त का समाधि परिणाम होता है ।

Reader discussion

Comments (5)

These comments have been preserved from the original Dr. Somveer Yoga website.

  1. Priyanka Atreya

    Pranaam Sir! Thank you for this beautiful explanation

  2. Nisha

    Thanku sir?

  3. आलोक कुमार पटवा

    ॐ गुरुदेव *

    अति सुंदर व्याख्या प्रस्तुत की है आपने।

    बहुत-बहुत आभार आपका।

  4. aashish malhan

    MY roll model guru ji best explanation about samadi result.

  5. Anshu

    ??PRNAM AACHARYA JI! BEAUTIFUL OM. ?????