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Yog Darshan

Yog Sutra - 40

अध्याय 1: समाधिपाद

मूल सूत्र · 1.40

परमाणुपरममहत्त्वान्तोऽस्य वशीकार: ।। 40 ।।

शब्दार्थ

परमाणु, ( अति सूक्ष्म या छोटे से छोटा ) परममहत्त्वान्त:, ( अति दीर्घ या बड़े से बड़ा आकाश जितना ) अस्य, ( इसका ) वशीकार:, ( पूर्ण नियंत्रण हो जाता है । )

सूत्रार्थ

इस चित्त का छोटे से छोटे अर्थात अणु जितनी छोटी वस्तु या बड़े से बड़ी अर्थात आकाश जितनी बड़ी वस्तुओं में भी वशीकार अर्थात नियंत्रण हो जाता है ।

व्याख्या

इस सूत्र में चित्त को स्थिर करने के बाद उसका क्या फल होता है ? इसका वर्णन किया गया है । पूर्व में वर्णित चित्त को एकाग्र करने के उपायों के पालन से साधक का चित्त शीघ्र ही एकाग्र हो जाता है । उन उपायों का निरन्तर अभ्यास करने से साधक का अपने चित्त पर पूर्ण रूप से अधिकार हो जाता है ।

जब साधक का अपने चित्त पर पूरी तरह से अधिकार या नियंत्रण हो जाता है । तो वह साधक अपने चित्त को छोटे से छोटे अणु में भी स्थिर अथवा एकाग्र कर सकता है । अणु वह पदार्थ होता है जिसके और टुकड़े नहीं किए जा सकते ।

और साथ ही साधक अपने चित्त को बड़ी से बड़ी वस्तु जैसे आकाश आदि में भी स्थिर अथवा एकाग्र कर सकता है ।

इस सूत्र का भाव यह है कि जब साधक चित्त को एकाग्र करने के उपायों का अभ्यास करके उनमें सफलता प्राप्त कर लेता है । तो उसका अपने चित्त पर पूरा नियंत्रण हो जाता है । इस नियंत्रण से साधक के अन्दर ऐसी शक्ति आती है कि वह किसी भी पदार्थ या तत्त्व में अपने चित्त को लगाने का प्रयास करेगा , तो वह चित्त शीघ्रता से उसमें लग जाएगा । फिर चाहे वह अणु जितना छोटा या आकाश जितना बड़ा ही क्यों न हो ।

Reader discussion

Comments (11)

These comments have been preserved from the original Dr. Somveer Yoga website.

  1. Anshu

    ?Prnam Aacharya ji! Thank you for the great explanations on concentration! ?

  2. Nisha

    Thanku for helping us sir??

  3. Mamta Sangwan

    Thank you Sir

  4. Arun Dhillon

    Very nice sir, thanku

  5. Anju siwach

    Thank you very much sir

  6. aashish

    This is basic benefits of yoga guru ji

  7. aashish

    Thanks guru ji for main benefit of yoga

  8. aashish

    Nice guru ji

  9. aashish

    Nice guru ji

  10. Priyanka Atreya

    Pranaam Sir! Thank you

  11. Shikha Arya

    Muy bien ..genial